Tejas Fighter Jet( तेजस फाइटर जेट ) की Top 10 खास बातें जो इसे विश्व स्तरीय बनाती हैं, तेजस फाइटर जेट दुबई एयर शो में हुआ क्रैश

भारतीय वायुसेना का फाइटर जेट दुबई एयर शो में 21 नवम्बर 2025 को क्रैश हो गया , यह घटना तब हुई जब अल मकतूम एअरपोर्ट पर डेमो फ्लाइट के समय तेजस में अचानक तकनीकी गड़बड़ी आई और उसके तुरंत बाद विमान निचे गिर गया और उसमे आग लग गई , इस हादसे में पायलट की मौत भी हो गई | और देखते ही देखते आसमान में काले धुंए का गुबार छा गया| इस मामले की जाँच के लिए भारतीय वायुसेना ने कोर्ट ऑफ़ इनक्वायरी गठित कर दी है |
तेजस फाइटर जेट की Top 10 खास बातें

1 – सबसे तेज़ उड़ान क्षमता
तेजस फाइटर जेट की गति लगभग 1.8 मैक तक जाती है। इसका मतलब है कि यह ध्वनि की गति से लगभग 1.8 गुना तक तेज उड़ सकता है। ये अधिकतम 2250 km/h की रफ़्तार से उड़ान भर सकता है | Tejas Fighter Jet की Top 10 खास बातें जो इसे विश्व स्तरीय बनाती हैं |
2 – रडार सिस्टम
तेजस फाइटर जेट में AESA (Active Electronically Scanned Array) रडार लगा हुआ रहता है, जो दुश्मन के किसी भी विमान को या मिसाइल को लंबी दूरी से पकड़ने की क्षमता रखता है।
3 – मल्टी-रोल फाइटर जेट की भूमिका
तेजस फाइटर जेट सिर्फ लड़ाई में ही नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस, रीकॉन्नाइसेंस और स्ट्राइक मिशन के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
4 – कम ईंधन और लंबी उड़ान
तेजस फाइटर जेट की खासियत यह भी है कि यह कम ईंधन में लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है। इसका मतलब ये है कि यह लंबे मिशन को आसानी से पूरा करने की क्षमता रखता है।
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5 – अत्याधुनिक हथियार
तेजस में मिसाइल, बम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगाए जाने की भी सुविधा है। जिसके कारण इसे किसी भी दुश्मन के खिलाफ अत्यंत प्रभावी माना जाता है। हवा से जमीं पर हमला करने के लिए तेजस में Kh-59ME टीवी गाईडेड स्टैंड ऑफ मिशाइल, Kh-59MK लेजर गाईडेड स्टैंड ऑफ मिशाइल, एंटी शिप मिशाइल, और Kh-35 व Kh-31 मिशाइल लगाए जा सकते हैं |
6 – भारतीय तकनीक और उसका कमाल
तेजस का निर्माण 90% भारतीय तकनीक से किया गया है। इसका मतलब यह है कि यह पूरी तरह से “मेड इन इंडिया” फाइटर जेट है। इसे एल्युमिनियम – लिथियम मिश्रधातु , कार्बन – फाइबर कंपोजिट और टिटेनियम मिश्रधातु से बनाया जाता है |
7 – अद्भुत उड़ान नियंत्रण
तेजस में fly-by-wire सिस्टम की सुविधा है, जो इसे अत्यंत सटीक और स्टेबल बनाती है। इसे पायलट आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं, फिर चाहे कितनी भी जटिल उड़ान हो।
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8 – इसका वर्ल्ड-क्लास डिजाइन
तेजस का एरोडायनामिक डिजाइन इसे अद्वितीय बनाता है। इसके साथ हल्का फ्रेम, तेज गति और शानदार maneuverability भी इसे दुनिया के टॉप फाइटर जेट्स के बराबर में लाता है। तेजस का वजन 5450 किलोग्राम है , यह अधिकतम 13500 किलोग्राम वजन के साथ उड़ान भर सकता है और इसका रेंज 3000 किलोमीटर है |
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9 – भविष्य के लिए तैयार
तेजस Mk1A और भविष्य के Tejas Mk2 जैसे वर्ज़न लगातार तैयार हो रहे हैं। इसका मतलब है कि भारतीय एयरफोर्स के पास आने वाले सालों में भी तेजस फाइटर जेट सबसे आधुनिक बना रहेगा।
10 – हल्का लेकिन मजबूत
तेजस का वजन कम होने के बाद भी यह बेहद मजबूत है। इसकी हवाई संरचना में अत्याधुनिक कॉम्पोजिट मटीरियल का उपयोग किया गया है, जो इसे हल्का बनाता है और इसी वजह से यह तेज और बेहद फुर्तीला है। इसमें एक सीट होती है, जबकि इसके दो सीट वाले वर्जन का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए किया जाता है| भारतीय नौ सेना द्वारा भी तेजस के दो सीट वाले वर्जन का उपयोग किया जाता है |
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तेजस विमान की कीमत?

भारत सरकार ने सितंबर 2025 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से स्वदेशी लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 623.70 अरब रुपये (7.03 अरब डॉलर) का सौदा किया था। इस सौदे में एचएएल को तेजस MK-1A किस्म के 97 विमानों को तैयार कर ऑर्डर की आपूर्ति करनी है और यह ऑर्डर 2027-28 से 6 साल की अवधि के अन्दर पूरा करना है।
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तेजस में अमेरिका का योगदान
अमेरिका ने कई सालों से भारत के एलसीए तेजस प्रोजेक्ट में रोंक लगाने की कोशिशें की है। कई बार उसने तेजस के विकास के लिए जरूरी सामान को देने से मना भी किया। लेकिन इसके बाद भी तेजस विमान में अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस (GE Aerospace) द्वारा तैयार किये गए F404-IN20 जेट इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) वायुसेना के लिए तेजस लड़ाकू विमानों को बनाती है और उसने इंजन की आपूर्ति के लिए GE के साथ एक बड़ा समझौता भी किया है।