
karnataka में दर्दनाक बस हादसा:
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के हिरियुर क्षेत्र में 25 दिसंबर को तडके NH‑48 हाईवे पर एक बड़ा बस एक्सीडेंट हुआ. यह हादसा तब हुआ जब एक लोरी तेज रफ़्तार से डिवाइडर में टकराकर बस में घुस गई. यह एक लापरवाही का मामला बताया जा रहा है. टक्कर लगने से स्लीपर बस में तुरंत तेज आग भड़क उठी इस हादसे में 10 से ज्यादा लोग जिंदा जल गए। इस हादसे में बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। घटना के समय बस में 32 यात्री सवार थे।
karnataka बस हादसा कब और कहां हुआ?
यह बस हादसा 25 दिसंबर 2025 की तड़के कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में NH-48 हाईवे पर हुआ । बताया जा रहा है कि यह इलाका बेंगलुरु को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ता है और यह एक व्यस्त मार्ग है। बस बेंगलुरु से तटीय कर्नाटक जिसे शिवमोग्गा कहते है की ओर जा रही थी।
रात का समय होने के कारण बस में सवार अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे हादसे के बाद उन्हें बाहर निकलने का समय नहीं मिल पाया।
कैसे हुआ कर्नाटक का यह दर्दनाक बस हादसा?

प्रारंभिक जांच से और चश्मदीदों के अनुसार पता चला की , सामने से आ रहा एक कंटेनर ट्रक डिवाइडर से टकराकर बस से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयाऔर बस में तुरंत आग लग गयी !
माना जा रहा है कि यह आग फ्यूल टैंक फटने और डीज़ल फैलने की वजह से लगी है। कुछ ही सेकंड में आग इतनी तेज फैली की पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
Bangladesh Dhaka Blast News: ढाका में धमाका कैसे और क्यों हुआ?
बस में लगी आग और जिंदा जलने की घटनाएं:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।और वो जिन्दा जल गये :
- कुछ यात्रियों ने तो खिड़कियों को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश भी की
- कई लोग सीटों और बर्थ के बीच ही फंस गए
- कुछ यात्री तो मदद के लिए दरवाजे को पीटते रहे, लेकिन आग और धुएं के कारण कोई अंदर नहीं जा सका और उनकी मौत हो गयी !
इस हादसे में कई यात्रियों की ज़िंदा जल कर मौत हो गई। कुछ तो इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। यह दृश्य वहां देखने वालों के लिए बेहद दर्दनाक और डरावना था।
मृतकों और घायलों की संख्या :

हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं।
- प्रारंभिक रिपोर्टों में कम से कम 5 मौतों की पुष्टि हुई है !
- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 9 से 13 यात्रियों के जलकर मारे जाने की आशंका जताई गई है
प्रशासन ने कहा है कि अंतिम आंकड़ा पोस्टमॉर्टम और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जारी किया जाएगा। कई यात्री बुरी तरह से घायल हैं और उनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है
बांग्लादेश की ‘आयरन लेडी’ : हीरो या विलेन? जानिए शेख हसीना की पूरी सच्चाई
पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख:
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे में कई लोगों की मौत हो गयी जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वे इस त्रासदी से गहराई से व्यथित हैं और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को इस हादसे में खोया है, उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं. प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की.
Deeply saddened by the loss of lives due to a mishap in the Chitradurga district of Karnataka. Condolences to those who have lost their loved ones. May those injured recover at the earliest.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each…— PMO India (@PMOIndia) December 25, 2025
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF)के द्वारा ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. और हादसे में घायल हुए व्यक्तियों को ₹50,000 दिए जाएंगे.
पीएम फसल बीमा योजना: किसे मिलेगा लाभ जाने रजिस्ट्रेसन की अंतिम तिथि ,
बस सुरक्षा और सड़क व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक बस दुर्घटना ने एक बार फिर भारत में सड़क व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या बसों में इमरजेंसी एग्जिट पर्याप्त नही थे?
- क्या फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया गया था या नही ?
- हाईवे पर भारी वाहनों की निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है ?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सख्त नियम और उनकी कड़ाई से निगरानी नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।
निष्कर्ष
कर्नाटक का यह दर्दनाक बस हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। एक पल में खुशियों से भरा सफर मौत में बदल गया। कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ गए।
जरूरत है कि इस हादसे से सबक लिया जाए और सड़क सुरक्षा, बस डिज़ाइन और फायर सेफ्टी पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाओं को रोका जा सके।