
Bangladesh Dhaka Blast:
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जो हुआ है , वह कोई आम धमाका नहीं था। यह एक सोची-समझी बेहद खतरनाक वारदात थी। यह घटना ढाका के मोगबाजार इलाके की है, जहाँ लोग रोज़ की तरह अपने काम से लौट रहे थे, सड़क पर काफी ट्रैफिक था और दुकानों के बाहर बहुत ज्यादा भीड़ लगी हुई थी| और ऊपर फ्लाईओवर पर गाड़ियाँ दौड़ रही थीं। तभी अचानक फ्लाईओवर से नीचे सड़क पर एक बम फेंका गया।
कुछ ही सेकंड में एक जोरदार धमाका हुआ।उस धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग कुछ देर तक तो कुछ सुन ही नहीं पाए। सड़क पर चारों तरफ धुआँ छा गया था | हवा में चारो तरफ बारूद की बदबू फैल गई और लोग समझ ही नहीं पाए कि यह एक एक्सीडेंट है या हमला। जब धुआँ थोड़ा हटा , और वह का जो मंजर सामने आया, उसने सबको चौका दिया।
Bangladesh Dhaka:
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बम धमाका हुआ है. जिसमे एक 21 साल के युवक,की मौत हो गयी|शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। और वहा पर आसपास खड़े कई लोग ज़मीन पर गिर पड़े, कुछ के शरीर में लोहे के टुकड़े भी घुस गए, और कुछ बुरी तरह झुलस गए।
वहा लोग चीखने-चिल्लाने लगे। कोई अपनों को ढूंढ रहा था,और कोई घायल को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहा था। कुछ लोग तो डर से सड़क छोड़कर गलियों के अन्दर भाग गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका युद्ध के मैदान जैसा लगने लगा था ।
फ्लाईओवर के ऊपर से फेंका बम:

मौके पर मौजूद लोगो का कहना है कि शाम को फ्लाईओवर के ऊपर से बम फेंका गया. बम फटने पर सियाम नाम का व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसको बाद में खून से लथपथ हालत में वहां पड़ा था .कुछ ही देर में उसने अपना दम तोड़ दिया. मृतक के परिजनों ने बताया कि सियाम एक निजी कारखाने में काम करता था. घटना के समय वह उसी इलाके में था|
बम फेंककर फरार हुए उपद्रवी:
शुरुआत में बम फेकने वालों के पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई थी, लेकिन बाद में उसके परिजनों ने उन्हें पहचान लिया था .घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुच कर इलाके में घेराबंदी कर दी. इस घटना के कारण इलाके में दहशत फैल गई. लेकिन, उपद्रवी बम फेंककर तुरंत वहा से फरार हो गए थे.
धमाका क्यों हुआ? (The Reason Behind Violence)
बांग्लादेश के मौजूदा हालात बहुत खराब हैं। इस धमाके के पीछे कई राजनीतिक और सामाजिक कारण भी बताए जा रहे हैं:
- राजनीतिक अस्थिरता के कारण: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार और विपक्षी दलों (जैसे BNP) के बीच तनाव चल रहा है। यह धमाका BNP के नेता तारिक रहमान के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुआ, जिसे अब एक साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।
- उस्मान हादी की मौत का बदला: वर्तमान में हुई छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंसा भड़की हुई है। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।
- अल्पसंख्यकों पर हमले: पिछले कई हफ्तों में ढाका और आसपास के इलाकों में चर्चों और मंदिरों को भी निशाना बनाने की धमकियां मिली हैं। क्रिसमस से ठीक पहले हुआ यह हमला सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश भी हो सकता है।
- चुनाव को टालने की साजिश: वहा के स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ तत्व देश में अराजकता को फैलाकर आने वालें चुनावों को प्रभावित करना चाहते हैं।
बांग्लादेश में हालात बेहद खराब है :
आज बांग्लादेश हिंसा की आग में रात-दिन जल रहा है. उस्मान हादी की जब से हत्या हुई है उसके बाद से स्थिति बेहद खराब हो गई है.वह के हालात बद से बदतर हो गए हैं. देश में अराजकता की स्थिति हो गयी है. कट्टरपंथी बुरी तरह हावी हो चुके हैं ऐसा लगता है उन्हें हत्या, गुंडागर्दी का लाइसेंस दे दिया गया है. मोहम्मद यूनुस शांति की अपील कर रहे हैं. लेकिन उनकी अपील का कोई खास असर होता दिखाई नही दे रहा है |
ढाका के मौजूदा हालात
इस धमाके के बाद ढाका पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
- सुरक्षा घेरा: मोगबाजार और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है।
- जांच: फॉरेंसिक टीमें और बम निरोधक दस्ता मौके से सबूत जुटा रहे हैं।
- तनाव: शहर में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है, लेकिन नागरिकों के बीच डर का माहौल है, खासकर क्रिसमस और न्यू ईयर के कार्यक्रमों को लेकर।
बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या हुई थी
मयमनसिंह में 18 दिसंबर को एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी. पहले ये कहा जा रहा था कि दीपू ने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली एक टिप्पणी की थी, लेकिन शुरुआती जांच में इसके कोई भी सबूत नहीं मिले है . ब्रिटेन के सांसद टॉम मॉरिसन ने इस घटना को लेकर ब्रिटेन के विदेश मंत्री को एक चिट्ठी लिखी है. मॉरिसन ने कहा है कि इस घटना के कारण ब्रिटेन में रहने वाले हिंदू समुदाय में एक गहरी चिंता औरउनके अन्दर काफी गुस्सा है.
बांग्लादेश में कट्टरपंथी हिंदुओं को अपनी नफरती मानसिकता का शिकार बनाया जा रहा . शेख हसीना के सत्ता से निकाल दी जाने के बाद बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है.
निष्कर्ष (Conclusion)
ढाका में हुआ यह बम धमाका सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है , बल्कि बांग्लादेश में चल रही गहरी राजनीतिक के उथल-पुथल का परिणाम भी है। विदेशी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्या आपको लगता है कि बांग्लादेश में शांति जल्द बहाल हो पाएगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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