जमीन रजिस्ट्री के नए नियम, हुए लागू ये होंगे बदलाव , क्या होगा अनिवार्य ….

जमीन रजिस्ट्री के नए नियम:

जमीन रजिस्ट्री के नए नियम
जमीन रजिस्ट्री के नए नियम

यदि आप भी कोई जमीन या प्लाट लेने की सोच रहे है या कोई प्लान बना रहे हेई तो जान ले नियम , आपके लिए ये बहुत जरुरी है ! सरकार ने जमीनी रजिस्ट्री में बड़े बदलाव किये है ! ये बदलाव केवल आम आदमी को ,नही बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर को प्रभावित करेगा !अब जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए एक नये दस्तावेज को अनिवार्य कर दिया गया है !

 भारत में जमीन एवं संपत्ति की रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है !इसे सभी लोगों को जानना बहुत जरूरी होता है। जो संपत्ति के मालिक को सुनिश्चित करती है ,रजिस्ट्री की प्रक्रिया अक्सर जटिल और समय लेने वाली रही है। अब 2025 में सरकार में इसे प्रदर्शित और सुरक्षा बदलाव किए हैं। नए नियम डीजल प्रक्रिया पर आधारित है जो लोग समय के साथ सरकारी दफ्तर का चक्कर काटने से भी छुटकारा मिलेगा।

क्यों बदला गया रजिस्ट्री का नियम :

जमीन रजिस्ट्री के नये नियम
जमीन रजिस्ट्री के नये नियम

रजिस्ट्री नियम को बदलने का एक मुख्य कारण है ,काले धन को रोकना , फर्जीवाड़े को ख़त्म करना! रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाना। पहले कई बार ऐसा देखा गया कि जमीन या मकान की खरीदारी किसी और के नाम से हो रही है, या फिर कैश में बड़ी रकम का लेन-देन हो रहा है, जिससे सरकार को टैक्स का नुकसान होता है। ऐसे में अब सरकार ने सख्ती दिखाई है और नियमों में बदलाव कर दिया है। सरकार का यह नया नियम देशभर में लागू कर दिया गया है और कई राज्यों ने इसे पहले ही अमल में भी ला दिया है।

रजिस्ट्री के लिए ये दस्तावेज अनिवार्य :

भारत में जमीन और प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के नियमो में समय समय पर बदलाव किए गये है ! जिससे बेनामी संपत्ति, काला धन और टैक्स चोरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाई जा सके।  अब सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब से जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड का सत्यापन (PAN Verification) अनिवार्य कर दिया गया है।

रजिस्ट्री के नए नयम का उद्देश्य :

रजिस्ट्री के नियमो में बदलाव के कुछ महत्वपूर्ण नियम है ….

काले धन पर लगाम :

नकद लेनदेन कर के जो लोग प्रॉपर्टी खरीदते हैं और अपनी आय छुपाते हैं, उन्हें ट्रैक करना आसान हो जाएगा।

बेनाम संपत्ति की पहचान :

 फर्जी नाम पर संपत्ति खरीदने वालों की पहचान करना आसान हो सकेगा।

टैक्स चोरी पर रोक :

जो लोग आयकर दायरे में आते हैं लेकिन संपत्ति खरीदते समय टैक्स चोरी करते हैं, उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।

डिजिटल डाटाबेस तैयार करना:

 पैन कार्ड को प्रॉपर्टी से लिंक कर एक केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाएगा, जिससे हर लेन-देन की निगरानी हो सकेगी।

रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना:

इससे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

जमीन और प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए जरुरी दस्तावेज:

जमीन रजिस्ट्री के नये नियम
जमीन रजिस्ट्री के नये नियम
  • आधार कार्ड -पहचान प्रमाण पत्र के तौर पर आधार कार्ड अनिवार्य रहेगा
  • पैन कार्ड – रजिस्ट्री से पहले पैन कार्ड का नंबर सत्यापित किया जाएगा।
  • खसरा संख्या और खतौनी – जमीन की पूरी जानकारी जैसे खसरा नंबर, खतौनी, और जमीन का नक्शा देना होगा।
  • सेल एग्रीमेंट – जमीन या संपत्ति की खरीद-बिक्री का एग्रीमेंट भी प्रस्तुत करना जरूरी होगा।
  • टैक्स स्लिप ( यदि लागू हो ) – यदि आपने पहले से कोई टैक्स जमा किया है तो उसकी स्लिप भी देनी होगी।
  • इन दस्तावेजों के बिना अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी।

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नए नियम का मकसद :

सरकार इस नियम के द्उवारा उन लोगों पर लगाम लगाना चाहती है जो फर्जी नाम से जमीन खरीदते हैं या टैक्स चोरी करते हैं। इससे बेनामी संपत्ति की पहचान करना भी आसान होगा और टैक्स से बचने वाले लोगों को पकड़ा जा सकेगा। साथ ही सरकार एक सेंट्रल डिजिटल डाटाबेस बनाना चाहती है जिसमें सभी जमीन खरीद-बिक्री की जानकारी दर्ज हो ताकि भविष्य में किसी विवाद या धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत रिकॉर्ड देखा जा सके।

पूरे देश में लागू होगा नियम :

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस जमीन रजिस्ट्री के नए नियम देशभर में लागू किए जाएंगे। राज्य सरकारों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कुछ राज्यों ने इसे लागू भी कर दिया है और अन्य राज्यों में भी यह प्रक्रिया तेजी से शुरू की जा रही है।

इससे पहले जमीन की रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड की जांच अनिवार्य नहीं थी, लेकिन अब इसे कंपल्सरी कर दिया गया है ताकि हर सौदे का रिकॉर्ड सरकार के पास रहे और कोई भी गड़बड़ी न हो सके।पहचान के तौर पर आधार कार्ड भी अनिवार्य होगा !  इस नए नियम से पूरे देश में जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया एक जैसी हो जाएगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

नए नियम से आम आदमी पर असर :

यह नियम आम लोगों के हित में ही है। इससे जमीन खरीदने-बेचने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम हो जाएगी। नियम में बदलाव के कारण शुरू में थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे लोग इस प्रक्रिया को अपनाएंगे, तो उनके लिए सब आसान हो जाएगा। साथ ही अगर कोई व्यक्ति सही तरीके से टैक्स भर रहा है और वैध तरीके से प्रॉपर्टी खरीद रहा है तो उसे कोई दिक्कत नहीं होगी।

सरकार ने जो बदलाव किए हैं वो आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बना देंगे। अब पैन कार्ड के बिना जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी, जिससे टैक्स चोरी और बेनामी संपत्ति की खरीदारी पर रोक लगेगी। अगर आप भी जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो अभी से सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि समय पर रजिस्ट्री हो सके और किसी तरह की दिक्कत न हो।

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